सक्ती जेष्ठ अमावस्या के पावन अवसर पर सक्ती नगर के हृदय स्थल मां महामाया मंदिर सहित तमाम देवालयों में भक्तों का भारी उत्साह देखने को मिला। अमावस्या तिथि के साथ-साथ इस दिन शनि देव जयंती और वट सावित्री पूजा का विशेष संयोग होने के कारण सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही।
सुंदरकांड पाठ और महाआरती का आयोजन
कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए देवेन्द्र सोनी ने बताया कि इस पावन अवसर पर महामाया मंदिर परिसर में भव्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।
भक्तों द्वारा सामूहिक रूप से सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा का पाठ किया गया।
पाठ के उपरांत रामदरबार की मंगल आरती की गई।
तत्पश्चात उपस्थित श्रद्धालुओं ने मातारानी की सामूहिक आरती कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
शनि जयंती पर 51 दीपों का दान और परिक्रमा
शनि जयंती के विशेष उपलक्ष्य में मंदिर के पुजारी गजराज सिंह द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई।
पुजारी जी द्वारा 3 दीप प्रज्वलित करने के बाद, भक्तों ने पीपल वृक्ष की 7 बार परिक्रमा की। इसके साथ ही शनि देव को 51 दीप दान (प्रज्वलित) किए गए। श्रद्धालुओं ने इस दौरान मानव कल्याण, विश्व शांति और अपने-अपने परिवारों के सुख-समृद्धि एवं हित की कामना की।
इस शुभ पावन अवसर पर इन श्रद्धालुओं का रहा सराहनीय योगदान
इस गरिमामयी और भक्तिमय कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्ति नगर के अनेक गणमान्य नागरिकों और भक्तों का विशेष योगदान रहा, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे।
श्याम सुंदर अग्रवाल, गोपाल अग्रवाल, फुलेश्वर गभेल, रामखिलावा श्रीवास
बी. के. अग्रवाल, नकुल देवांगन, बांसी देवांगन, अमित सोनी
कुंजल, आत्मा पटेल, ब्रजवासी, दुलारी साहू, अनुसुइया जायसवाल
रमैया सिंह सदर का विशेष योगदान रहा।






