सभी नोडल अधिकारी, एसडीएम और तहसीलदार दस प्रतिशत टोकन का रैंडमली करे सत्यापन-कलेक्टर
पात्र किसानों से एक-एक दाना खरीदे धान लेकिन किसी भी प्रकार से न हो अवैध खरीदी
बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों कर्मचारियों को किया जाएगा सम्मानित और लापरवाही पर होंगे दंडित सक्ती, // जिले में धान खरीदी कार्य को पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष और किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो एवं धान खरीदी नोडल अधिकारी श्री वासु जैन द्वारा जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों की महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की गई। 22 जनवरी को आयोजित बैठक में धान खरीदी की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट, सख्त एवं समयबद्ध निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि नोडल अधिकारी अपनी अनिवार्य उपस्थिति में ही धान खरीदी कार्यों की ओपनिंग एवं क्लोजिंग कराएं, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी नोडल अधिकारी, एसडीएम एवं तहसीलदार कम से कम 10 प्रतिशत टोकनों का रैंडम सत्यापन अनिवार्य करें तथा बिना टोकन सत्यापन के किसी भी स्थिति में धान खरीदी न की जाए। कलेक्टर ने दो टूक कहा कि पात्र किसानों से एक-एक दाना धान की खरीदी सुनिश्चित की जाए, लेकिन किसी भी प्रकार की अवैध खरीदी, बिचौलियों या कोचियों की संलिप्तता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा, वहीं लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि 31 जनवरी तक धान खरीदी के लिए जारी सभी टोकनों की रिपोर्ट नोडल अधिकारी अपने पास मंगाकर उनका पूर्ण सत्यापन सुनिश्चित करें। साथ ही 24, 25 एवं 26 जनवरी के शासकीय अवकाश के दौरान भी धान का फिजिकल वेरिफिकेशन करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों द्वारा धान विक्रय के पश्चात शेष बचे रकबे का समर्पण, धान बोरो की सिलाई, स्टेकिंग एवं स्टेंसिलिंग की कार्यवाही उसी दिन अनिवार्य रूप से पूर्ण कराई जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में धान खरीदी नोडल अधिकारी श्री वासु जैन, सभी धान खरीदी केंद्रों के लिए नियुक्त जिला स्तरीय नोडल अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सेक्टर अधिकारी नियुक्त, निगरानी और मजबूत कलेक्टर ने बताया कि 10 नोडल अधिकारियों पर एक सेक्टर अधिकारी की नियुक्ति भी कर दी गई है, जिससे धान खरीदी कार्य पर बेहतर नियंत्रण और निगरानी रखी जा सके। जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों को किसी भी प्रकार की शिकायत या समस्या की स्थिति में संबंधित सेक्टर अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार अथवा खाद्य विभाग के अधिकारियों को तत्काल सूचित करने के निर्देश दिए गए। धान खरीदी केंद्रों में सतत निगरानी के लिए कोटवारों की भी ड्यूटी लगाई गई है।






