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छत्तीसगढ़सक्तीसामाजिक

देवरी में शिव मंदिर देवरी का हुआ लोकार्पण…दृष्टिबाधित बच्चों ने भजन गाकर समा बांधा…

 सक्ती शहर के दीपक अग्रवाल के द्वारा जीर्णशीर्ण मंदिर का जीर्णोद्धार के साथ नव मंदिर का निर्माण काबिल ए तारीफ… चितरंजय

सक्ती,  सक्ती विकासखंड के अंतर्गत ग्राम  देवरी में 75 वर्ष पूर्व सक्ती नगर के सेठ मनीराम एवं उनके परिवार ने  ने शिव मंदिर का निर्माण कराया था, परंतु कालांतर में  शिव मंदिर जर्जर हो गया था जिसे पूर्वजों की प्रेरणा से उनके सुपुत्र दीपक कुमार अग्रवाल ने जीर्णोद्धार कराने का फैसला लिया पर स्थानीय ग्रामवासी जर्जर मंदिर के गर्भ गृह को छोड़ लगभग पूरे मंदिर में लकड़ी कंडा रखकर कब्जा कर चुके थे तब दीपक को मंदिर को तोड़ पुनर्निर्माण में  पर बाधा आ रही थी । इसी बीच उसने श्री सिद्ध हनुमान मंदिर परिवार की महाआरती में मंदिर का जीर्णोद्धार की इच्छा व्यक्त कर सहयोग के लिए आग्रह किया ।

पश्चात मंदिर संयोजक कोंडके मौर्य ने संरक्षक एवं  अधिवक्ता चितरंजय पटेल के समक्ष समस्या बताई, जिसके बाद अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने देवरी के पूर्व सरपंच करम सिंह गबेल एवं प्रतिष्ठित ग्रामवासी एवं वर्तमान पंच पुरुषोत्तम गबेल से चर्चा कर मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कराया… और वह दिन भी आया जब श्री सिद्ध हनुमान मंदिर परिवार के लोगों के साथ अधिवक्ता श्री पटेल की उपस्थिति में दीपक अग्रवाल ने मंदिर निर्माण का संकल्प लेकर श्रीफल फोड़कर भूमि पूजन किया और फिर दीपक की संकल्प शक्ति और सबकी प्रेरणा और आशीर्वाद से 21 जुलाई को श्रावण कृष्ण पक्ष एकादशी द्वितीय सोमवार पर पंडित अरुण शर्मा (बेरीवाली मंदिर) के सान्निध्य में हवन_ पूजन और अनुष्ठान के साथ मंदिर में भगवान भोले नाथ और शिव लिंग के साथ शिव परिवार के देव_ देवियों के मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुआ पश्चात भोग भंडारा में ग्रामवासियों के साथ सक्ती नगर वासियों की गरिमामय उपस्थिति रही। 

 खास बात रही कि *दृष्टि बाधित विशेष विद्यालय के दृष्टिहीन बच्चों ने संगीतमय भजन की प्रस्तुति देकर समा बांध दिया। वर्तमान समय में जब धर्म विमुख होकर अध्यात्म और धर्म से परे आचरण कर रहे हैं, तब दीपक ने कमजोर आर्थिक स्थिति के बावजूद  पूर्वजों की गुप्त प्रेरणा और सबके उत्साहवर्धन से पूर्वजों के द्वारा स्थापित जीर्ण शीर्ण मंदिर का जीर्णोद्धार कर अपने अल्प आयु में एक इतिहास रच दिया जिसकी सर्वत्र तारीफ हो रही है।

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