SJR टीम सक्ती की सेवा भावना से खिले मासूम चेहरों पर मुस्कान
सक्ती ”सेवा ही सच्ची साधना है” — इस विचार को साकार करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूजा अग्रवाल के निर्देशन एवं आदेश पर दो नन्हें दिव्यांग बच्चों के जीवन में खुशियों की नई किरण जगमगा उठी।
डॉ. पूजा अग्रवाल ने बच्चों की स्थिति को समझते हुए तुरंत कार्रवाई करने के आदेश दिए, जिसके बाद डीपीएम कीर्ति बाड़ा ने तुरंत कार्यवाही करते हुए समाज कल्याण विभाग सक्ती के माध्यम से आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर दोनों बच्चों को व्हीलचेयर उपलब्ध कराई।
मामला तब सामने आया जब SJR टीम सक्ती के सक्रिय सदस्य रवि चंद्रोशा और सौरभ उपाध्याय को जानकारी मिली कि दो छोटे दिव्यांग बच्चों को व्हीलचेयर की तत्काल आवश्यकता है। दोनों ने यह जानकारी अपने साथी राहुल अग्रवाल (प्रियंका) के माध्यम से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पूजा अग्रवाल तक पहुंचाई।
*इस पहल से बहन रामकुमारी सतनामी और अर्जुन कुमार जांगड़े को जीवन का नया सहारा मिला।*
*रामकुमारी सतनामी, जो लंबे समय से चारपाई पर जीवन व्यतीत कर रही थीं और समाज से लगभग कट चुकी थीं, अब व्हीलचेयर के सहारे फिर से मुस्कुराने लगी हैं। यह दृश्य हर किसी के दिल को छू गया।*
इसके बाद SJR टीम के सदस्य सौरभ उपाध्याय, रवि चंद्रोशा, रोशन पटेल, पिंटू राठौर और मनोज यादव स्वयं बच्चों के घर पहुंचे। उन्होंने बच्चों को व्हीलचेयर के साथ मिठाई और फटाके भेंट किए, जिससे मासूम चेहरों पर खुशी की अनमोल चमक फैल गई।
*इस सेवा कार्य ने यह साबित कर दिया कि जब संवेदना और संकल्प साथ हों, तो समाज में कोई भी दर्द अधूरा नहीं रह जाता*।
*SJR टीम सक्ती ने बताया कि क्षेत्र में ऐसे कई जरूरतमंद लोग हैं जिन्हें व्हीलचेयर या अन्य सहायताओं की आवश्यकता है। टीम ने अपील की है कि
“यदि किसी जरूरतमंद व्यक्ति या बच्चे को व्हीलचेयर की जरूरत हो, तो वे नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क करें। टीम यथासंभव सहायता उपलब्ध कराएगी।





