11 सितम्बर को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय , एंव जिले के प्रभारी मंत्री खुशवंत साहेब का जेठा आगमन हो रहा है,, सक्ती की जनता ने की है मांग
सक्ती , छत्तीसगढ़ के सबसे नए जिलों में से एक सक्ती जिले को अस्तित्व में आए आज 4 साल पूरे हो गए हैं। 9 सितंबर 2022 को तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सक्ती को जिला घोषित किया था, लेकिन 4 साल बाद भी जिला अपने अधूरे सिस्टम से जूझ रहा है। सबसे बड़ी समस्या RTO (परिवहन विभाग) को लेकर है।
*क्या है समस्या?*
सक्ती जिले का RTO कार्यालय आज भी 50 किलोमीटर दूर जांजगीर में संचालित हो रहा है।
1. जिलेवासियों को हो रही भारी परेशानी
गाड़ी का रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस बनवाने, परमिट, फिटनेस और ट्रांसफर जैसे हर छोटे काम के लिए सक्ती के लोगों को जांजगीर के चक्कर काटने पड़ते हैं। 500 रुपए के काम के लिए 1000 रुपए का पेट्रोल और पूरा दिन बर्बाद होता है।
2. दलालों का बोलबाला
जिला मुख्यालय में कार्यालय नहीं होने से दलाल सक्रिय हो गए हैं। “RTO जांजगीर में है बोलकर 2000 के काम का 4000 रुपए लिया जाता है।”
3. राजस्व का नुकसान
सक्ती में प्रतिदिन लगभग 30-40 नई गाड़ियां बिक रही हैं। RTO जांजगीर में होने से रोड टैक्स का पूरा राजस्व और रिकॉर्ड वहीं जा रहा है। अगर सक्ती में RTO खुलता है तो जिले को हर साल करोड़ों का राजस्व मिलेगा।
4 साल बाद भी अधूरे विभाग
RTO ही नहीं, सक्ती जिले में अभी भी कई विभाग जांजगीर से ही संचालित हो रहे हैं – जैसे पासपोर्ट कार्यालय, भू-गर्भ विभाग, और कुछ न्यायालयीन काम भी। जिला बनने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि सारे कार्य सक्ती में ही होंगे, लेकिन कागजों में जिला बन गया, जमीन पर व्यवस्था नहीं आई।
जनप्रतिनिधियों और सक्ती की जनता ने की मांग
जिले के जनप्रतिनिधियों ने अनेको बार कलेक्टर और परिवहन मंत्री को ज्ञापन सौंपा है। एवं मांग की है।
: सक्ती में तत्काल स्वतंत्र RTO कोड के साथ कार्यालय खोला जाए
– जांजगीर में जमा सक्ती जिले के वाहनों का डेटा सक्ती शिफ्ट किया जाए,एवं नवीन लाइसेंस और पंजीयन शिविर सक्ती में लगाया जाए
जिले के नागरिकों का कहना है कि जब तक RTO, रोजगार कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण विभाग सक्ती नहीं आएंगे, तब तक जिला बनने का कोई वजूद नहीं।





