सक्ती चिकित्सा के क्षेत्र में सक्ती जिले को एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। बाराद्वार रोड (वार्ड नंबर 14) स्थित स्पर्श हॉस्पिटल सक्ती के सुप्रसिद्ध आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. सिद्धार्थ कुमार और उनकी टीम ने जिले में पहली बार एक अत्यंत जटिल और गंभीर ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है।
बाथरूम में फिसलने से टूट गई थी 50 वर्षीय वृद्धा की कमर की हड्डी महिला मरीज नीरा बाई अपने घर के बाथरूम में अचानक फिसल कर गिर गईं। इस दर्दनाक हादसे में उनके कमर की हड्डी (हिप जॉइंट) बुरी तरह टूट (फ्रैक्चर) गई थी। मरीज अत्यधिक दर्द से कराह रही थी और उनका चलना-फिरना पूरी तरह बंद हो चुका था।
डॉ. सिद्धार्थ कुमार ने ‘आर्थ्रोप्लास्टी’ तकनीक से दिया नया जीवन
मरीज को बेहद गंभीर हालत में स्पर्श हॉस्पिटल सक्ती लाया गया। यहाँ वरिष्ठ आर्थोपेडिक व जॉइंट रिप्लेसमेंट विशेषज्ञ डॉ. सिद्धार्थ कुमार ने तुरंत स्थिति को संभाला और मरीज की स्थिति को देखते हुए आर्थ्रोप्लास्टी (Hip Replacement) करने का निर्णय लिया। सक्ती जिले में इस स्तर का जटिल ऑपरेशन पहली बार किया गया है। डॉ. सिद्धार्थ ने अपनी कुशल चिकित्सा पद्धति से टूटी हुई हड्डी को बदलकर सफल जॉइंट रिप्लेसमेंट किया।
सफलता का नया कीर्तिमान: ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा है और मरीज नीरा बाई अब तेजी से रिकवर हो रही हैं। इस सफल सर्जरी के बाद अब सक्ती और आसपास के मरीजों को बड़े ऑपरेशन के लिए बिलासपुर, रायपुर या अन्य बड़े शहरों के चक्कर काटने और लाखों रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अब सक्ती में ही उपलब्ध हैं विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएँ
स्पर्श हॉस्पिटल सक्ती में आधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से अब जटिल से जटिल आर्थोपेडिक और सर्जिकल ऑपरेशन स्थानीय स्तर पर ही संभव हो पा रहे हैं। मरीज के परिजनों ने सफल ऑपरेशन के लिए डॉ. सिद्धार्थ कुमार और डॉ. यामीन अब्दुल्ला,डॉ. रूपनारायण साहू, प्रदीप राठौर स्पर्श हॉस्पिटल की पूरी टीम का सहृदय आभार व्यक्त किया है।
1 1 minute read





