आरोपी द्वारा अपने अन्य साथी के साथ मिलकर 1,42,550/- की राशि बैंक खाते में जमा नहीं कर आपस में बांटकर उपयोग करना स्वीकार ।। सक्ती, प्रार्थी मोनीष देवांगन पिता पुरुषोत्तम देवांगन, उम्र 24 वर्ष, निवासी झुलकदम सक्ती द्वारा लिखित आवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज कराया गया था कि बंधन बैंक सक्ती में लोन की राशि 1,42,550-रूपये जमा किए जाने के बावजूद बैंक खाते में जमा नहीं की गई तथा खाता धारक को मृत दर्शाकर बजाज आलियांज लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से राशि प्राप्त कर खाता बंद करने का प्रयास किया गया। रिपोर्ट पर थाना सक्ती में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण में पुलिस अधीक्षक प्रफ्फुल कुमार ठाकुर (भापुसे) द्वारा दिये दिशा निर्देशों के परिपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल (रापुसे) एवं श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सक्ति डाॅ0 भुनेश्वरी पैकरा के मार्गदर्शन में प्रार्थी एवं गवाहों के कथन तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी कमलेश सिंह पिता श्रीराम सिंह, उम्र 31 वर्ष, निवासी जावलपुर, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा के विरुद्ध प्रथम दृष्टया अपराध प्रमाणित पाया गया। आरोपी कमलेश सिंह घटना के बाद से फरार था तथा विवेचना में सहयोग नहीं कर रहा था। जिसे मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर उसके सकुनत जावलपुर, थाना बलौदा में दबिश देकर उसे अभिरक्षा में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा अपने मेमोरण्डम कथन में बताया गया कि बंधन बैंक सक्ती में कार्यरत रहने के दौरान पुरुषोत्तम देवांगन एवं उर्मिला देवांगन के संयुक्त बैंक खाते में जमा होने वाली 1,42,550- रूपये लोन राशि को खाते में जमा नहीं किया गया और उक्त राशि को अपने अन्य साथी के साथ मिलकर आपस में बांट लेना बताया गया। आरोपी द्वारा यह भी बताया गया कि राशि जमा किए जाने संबंधी रसीद खाता धारक को प्रदान की गई थी तथा खाता धारक उर्मिला देवांगन को मृत दर्शाने संबंधी दस्तावेज का उपयोग कर राशि को खाते में जमा नहीं किया गया। प्रकरण में आरोपी के कथन एवं विवेचना से प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर धोखाधड़ी एवं आपराधिक कृत्य में संलिप्तता पाए जाने पर आरोपी कमलेश सिंह को दिनांक 28.08.2026 को विधिवत गिरफ्तार किया कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। प्रकरण में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका के संबंध में भी जांच कर अग्रिम कार्यवाही की जावेगी।
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