सक्ती मार्च 2026 से रायगढ़ स्थित दो प्रमुख औद्योगिक इकाइयों – जिंदल स्टील वर्क्स तथा एसकेएस इस्पात एंड पावर – द्वारा परिवहन कार्य आदेश जारी नहीं किए जाने के कारण ट्रांसपोर्ट व्यवसाय गंभीर संकट का सामना कर रहा है। इन दोनों कंपनियों से लंबे रूट के लिए मिलने वाले माल ढुलाई के कार्य पूरी तरह बंद हो चुके हैं, जिससे ट्रांसपोर्टरों पर भारी आर्थिक दबाव बन गया है।
पूर्व में रायगढ़ से बिलासपुर मार्ग पर बड़ी संख्या में ट्रक और ट्रेलर नियमित रूप से संचालित होते थे, जिससे ट्रांसपोर्टरों को निरंतर कार्य मिलता था। लेकिन मार्च 2026 से जिंदल स्टील वर्क्स और एसकेएस इस्पात एंड पावर द्वारा कार्य आदेश बंद किए जाने के कारण इस मार्ग पर परिवहन गतिविधियां लगभग ठप पड़ गई हैं। इसके बावजूद वाहन मालिकों को बैंक की ईएमआई, ड्राइवर वेतन, रखरखाव तथा अन्य परिचालन खर्च पूर्ववत वहन करने पड़ रहे हैं।
ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि आय के स्रोत लगभग समाप्त हो जाने से उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर हो गई है। विशेष रूप से छोटे ट्रक मालिकों के सामने व्यवसाय बंद करने की स्थिति उत्पन्न हो रही है। लगातार बढ़ते खर्च और घटते कार्य अवसरों ने पूरे परिवहन क्षेत्र को गंभीर चिंता में डाल दिया है।
वर्तमान अंतरराष्ट्रीय युद्ध जैसी परिस्थितियों तथा ईंधन की उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं ने इस संकट को और गहरा कर दिया है। ईंधन लागत में वृद्धि तथा आपूर्ति संबंधी अनिश्चितता के कारण परिवहन संचालन करना और अधिक कठिन हो गया है।
ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि यदि जल्द ही जिंदल स्टील वर्क्स और एसकेएस इस्पात एंड पावर से कार्य आदेश पुनः शुरू नहीं हुए, तो कई छोटे और मध्यम स्तर के वाहन मालिक पूरी तरह व्यवसाय से बाहर हो सकते हैं। फिलहाल स्थिति के समाधान को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिल रहा है, जिससे परिवहन क्षेत्र में अस्थिरता और चिंता का माहौल बना हुआ है।





