बीजेपी ने कहा : कांग्रेस का सनातन विरोधी चेहरा फिर बेनकाब; राहुल, स्टालिन और ममता की राह पर चल रहे महंत
तुष्टीकरण की राजनीति में अंधे होकर नेता प्रतिपक्ष ने खोया मानसिक संतुलन, कांग्रेस का मूल चरित्र ही हिंदू और सनातन विरोधी : भाजपा जिलाध्यक्ष टिकेश्वर गबेल
सक्ती /भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत द्वारा चिरमिरी में चल रही जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी की कथा और पूज्य संतों को लेकर दिए गए अमर्यादित बयान पर बेहद कड़ा ऐतराज जताया है। **भाजपा जिलाध्यक्ष टिकेश्वर गबेल ने इसे महंत का ‘सनातन विरोधी’ और ‘मानसिक दिवालियापन’ से भरा बयान करार दिया है।
भाजपा जिलाध्यक्ष सक्ती टिकेश्वर सिंह गबेल ने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति और गांधी परिवार की गुलामी में अंधे होकर कांग्रेस नेता महंत ने अपनी मर्यादा खो दी है। करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र, महान विद्वान पूज्य जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी सहित देश के प्रतिष्ठित संतों को ‘फर्जी’ कहना और उन्हें ‘बाबा’ कहकर अपमानित करना बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। छत्तीसगढ़ की धर्मप्राण जनता संतों का यह अपमान कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
भाजपा जिलाध्यक्ष टिकेश्वर सिंह गबेल ने नेता प्रतिपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि महंत अब कांग्रेस आलाकमान की नजरों में नंबर वन बनने की होड़ में शामिल हो गए हैं। राहुल गांधी, उदयनिधि स्टालिन और ममता बनर्जी जैसे घोर सनातन विरोधियों के नक्श-ए-कदम पर चलते हुए महंत भी अब उसी ‘सनातन उन्मूलन’ वाली गन्दी मानसिकता का हिस्सा बन चुके हैं। दिल्ली के आकाओं को खुश करने के लिए वे छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर संतों को गाली देने का पाप कर रहे हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष टिकेश्वर गबेल ने महंत के ‘कण-कण में भगवान’ वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा कि जिन कांग्रेसियों को भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते और रामलला के मंदिर के आमंत्रण को ठुकराते हुए लज्जा तक नहीं आई, आज वे सिर्फ अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंकने के लिए छद्म ज्ञान बाँट रहे हैं। यदि कांग्रेसियों के कण-कण में भगवान हैं, तो उन्हें सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाने वाले संतों और कथावाचकों से इतनी चिढ़ क्यों है? क्या संतों का अपमान करना और सनातन संस्कृति को नीचा दिखाना ही कांग्रेस का असली एजेंडा है?
भाजपा जिलाध्यक्ष टिकेश्वर गबेल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से दिशाहीन हो चुकी है। विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ की जनता द्वारा नकारे जाने के बाद भी कांग्रेस सुधरने का नाम नहीं ले रही है। संतों के श्राप और छत्तीसगढ़ की जनता के आक्रोश के कारण कांग्रेस का छत्तीसगढ़ से पूरी तरह सूपड़ा साफ होना तय है। महंत को अपने इस अमर्यादित और सनातन विरोधी बयान के लिए तत्काल पूरे देश और संतों से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।





