ग्राम जाजंग में जागरूकता शिविर आयोजित — वैज्ञानिक खेती, जैविक खाद एवं संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाने पर दिया जोर
सक्ती/जाजंग, मिट्टी की उर्वरता बचाने, कृषि भूमि का स्वास्थ्य सुधारने और किसानों को टिकाऊ खेती के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मंगलवार को ग्राम जाजंग, विकासखंड सक्ती, जिला सक्ती में खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कृषि विकास अधिकारी श्रीमती सरिता बंजारे, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री अमित कुमार लहरे एवं ग्राम पंचायत सचिव श्री नितेश गबेल की उपस्थिति में किसानों को मृदा संरक्षण और आधुनिक कृषि प्रबंधन की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम में ग्राम के किसान भाई-बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
शिविर में अधिकारियों ने कहा कि स्वस्थ मिट्टी ही समृद्ध खेती का आधार है। मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना, कृषि भूमि का उचित प्रबंधन करना और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना आज की आवश्यकता है। किसानों को मृदा परीक्षण कराकर मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दी गई अनुशंसाओं के अनुसार उर्वरकों का उपयोग करने तथा रासायनिक खादों के अनावश्यक एवं असंतुलित प्रयोग से बचने के लिए प्रेरित किया गया।
जैविक खाद और फसल विविधीकरण पर विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान किसानों को गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट एवं हरी खाद के उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने की जानकारी दी गई। ढैंचा और सनई जैसी फसलों को हरी खाद के रूप में अपनाने, फसल अवशेषों को खेतों में जलाने के बजाय उनका उचित प्रबंधन करने तथा धान के साथ उड़द, मूंग और अरहर जैसी उपयुक्त फसलों की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि संतुलित उर्वरक प्रबंधन और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर मिट्टी की सेहत बनाए रखने के साथ खेती को अधिक टिकाऊ बनाया जा सकता है।
संभावित चक्रवात को लेकर किसानों को सतर्क रहने की अपील
आगामी चक्रवात की आशंका को ध्यान में रखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई। उन्हें मौसम संबंधी चेतावनियों पर लगातार नजर रखने, खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने, कटी हुई फसल एवं कृषि उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने तथा कृषि विभाग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया। साथ ही संभावित प्राकृतिक आपदा से फसलों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए समय रहते आवश्यक एहतियाती कदम उठाने की अपील की गई।
मृदा संरक्षण के साथ टिकाऊ खेती का संकल्प
खेत बचाओ अभियान शिविर के माध्यम से किसानों को यह संदेश दिया गया कि मिट्टी का संरक्षण केवल वर्तमान खेती के लिए ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की कृषि सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। मृदा स्वास्थ्य में सुधार, संतुलित खाद प्रबंधन, जैविक संसाधनों का उपयोग और प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्कता अपनाकर खेती को अधिक सुरक्षित एवं टिकाऊ बनाया जा सकता है।
शिविर में कृषि विभाग के अधिकारियों एवं ग्राम पंचायत सचिव की उपस्थिति में किसानों को कृषि भूमि की उर्वरता बनाए रखने तथा पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने के प्रति जागरूक किया गया।





