सक्ती / कार्यक्रम की शुभ शुरुआत प्रातःकाल 5:00 बजे भगवान श्री सत्य साईं बाबा एवं परम पूज्य श्री मोती चंद्र महाराज जी की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई, जिसके उपरांत नगर संकीर्तन (प्रभात फेरी) का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं द्वारा गाए गए मधुर एवं सुरिले भजनों से समूचा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा। इसी कड़ी में सायं 7:00 बजे स्थानीय साई मंगल भवन में भव्य गुरु पूर्णिमा महोत्सव आयोजित किया गया, जिसमें जे.बी.डी.ए.वी. स्कूल के सम्मानित प्राचार्य श्री धीवर जी ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक गुरु पूजन एवं वंदना से हुआ, जिसके पश्चात आयोजित संगीतमय भजन में प्रभु श्री राम, श्री कृष्ण, संकटमोचन हनुमान, मां दुर्गा तथा दिव्य गुरुओं की महिमा का बखान करते हुए समिति के सदस्यों ने अत्यंत सुमधुर एवं भावपूर्ण भजनों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। इस पावन अवसर पर शिक्षा एवं संस्कार के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने हेतु 4 बाल विकास गुरुओं सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के 15 समर्पित शिक्षकों को समिति द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया, वहीं बाल विकास के होनहार बच्चों ने भी सुमधुर मंत्रोच्चार, सांस्कृतिक गीत, मनमोहक नृत्य एवं प्रेरणादायी कहानी पाठ की उत्कृष्ट प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि महोदय ने श्री सत्य साईं सेवा समिति द्वारा समाज हित में लगातार किए जा रहे अनुकरणीय सेवा कार्यों एवं इस भव्य आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की। अंत में सर्वकल्याण की भावना के साथ भगवान की दिव्य महामंगल आरती की गई और कार्यक्रम के समापन के पश्चात समिति द्वारा पधारे हुए सभी धर्मप्रेमी भक्तों एवं श्रद्धालुओं के लिए सुरुचिपूर्ण महाप्रसाद की ससम्मान व्यवस्था की गई, जिसमें समिति के समस्त सम्मानित पदाधिकारी एवं भारी संख्या में सदस्यगण सपरिवार उपस्थित रहकर भक्ति लाभ प्राप्त किए।





