छत्तीसगढ़सक्तीसमाजिक

परमेश्वरी पब्लिक स्कूल में मनाया गया ग्रीन डे,,

सक्ती,  – परमेश्वरी देवी शिक्षण समिति सक्ती द्वारा संचालित परमेश्वरी पब्लिक स्कूल सक्ती में 11 अगस्त को हरेली के अवसर पर एक पेड़ माँ के नाम 3.0 अभियान के तहत विद्यालय प्रांगण में पौधे लगा कर ग्रीन डे मनाया गया। कार्यक्रम कl शुभारंभ माँ सरस्वती की तैल्यचित्र पर दीप प्रज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार के समस्त छात्र/छात्राओं को पौधारोपण की कला सिखाई गई एवं उसके फायदे बताए गए। विद्यालय में विभिन्न कार्यक्रम जैसे कक्षा नर्सरी से कक्षा 5 वीं के छत्र/छात्राओं के मध्य विभिन्न विषय पर चित्रकारी, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, आर्ट एंड क्राफ्ट प्रतियोगिता, कक्षा छठवीं से दसवीं के छात्र/छात्राओं के मध्य अलग-अलग विषय पर निबंध प्रतियोगिता, पर्यावरण संरक्षण का महत्व एवं वृक्षारोपण के लाभ एवं महत्व, वाद-विवाद प्रतियोगिता, विभिन्न विषयों पर प्रोजेक्ट वर्क प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। वहीं छात्र-छात्राओं के द्वारा लाये गए विभिन्न प्रकार के पौधों को विद्यालय परिसर में लगाया गया एवं वृक्षारोपण कला की बारीकियों को विस्तार से बताया गया। संस्था प्रमुख एम. विकास देवांगन ने सभी को वृक्षारोपण की महत्व को बताते हुए कहा कि आज हम हरेली के अवसर पर विद्यालय प्रांगण में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत आज वृक्षारोपण कार्यक्रम रखा गया है। वृक्षारोपण किसी को जीवन देने जैसा है। हमारा लगाया गया हर पेड़ समाज का रक्षक बनेगा। मानसून का मौसम चल रहा है, यह समय पेड़ लगाने और अपने पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित बनाए रखने के लिए प्रयास है। वृक्षारोपण आपको सुकून की साँस दे सकता है। चूँकि वन हमारी धरती के फेफड़े हैं, जो हानिकारक गैसों को अवशोषित करते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं। अधिक वृक्षारोपण से ऑक्सीजन का स्तर बढ़ने में मदद मिल सकती है और हम सभी को ताजे फल, फूल व जीवनोपयोगी औषधियां भी आसानी से प्राप्त होगी। पेड़ लगाना कोई काम नहीं, ये तो धरती माँ की सेवा है। साथ ही विद्यालय में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों को अपने घर के आसपास एक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया गया।

image editor output image373338332 1786513116283866110073429239980 kshititech

एक पेड़ माँ के नाम ग्रीन डे कार्यक्रम को सफल बनाने में रेखा देवांगन, माया देवांगन, गरिमा यादव, लक्ष्मी प्रधान, दीक्षा देवांगन, शारदा नामदेव, भुनेश्वरी बरेठ, स्वेक्षा रावत, तारा देवांगन, संदीप देवांगन, लक्ष्मीन देवांगन, प्रीति यादव, चंचल यादव, कुंती भार्गव, श्रद्धा देवांगन, शशि यादव, मनीषा महंत, अपेक्षा अग्निहोत्री, काजल कनौजे, दामिनी सहिस, करण यादव, राधिका सिदार, नेहा झा, संगीता खूंटे, किरण साहू, आँचल साहू, संगीता तिवारी, सुनीता सोनसरे, अनिता चंद्रा, स्वेता सिदार, वाणी रौतिया, रिनु देवांगन एवं शिक्षणोत्तर कर्मचारियों में सूरज सोनी, दीपक वैष्णव, अंशिका कसेर, धारवी सिदार, रमा विश्वकर्मा, विनोदनी सोनी, मंजू यादव का विशेष योगदान रहा।

Related Articles

Back to top button