आरोपियों का विवरण :
- मोहनीश कुमार कर्मवीर, पिता करन सिंह कर्मवीर, उम्र 37 वर्ष,
निवासी – मसनियाकला, थाना सक्ती, जिला सक्ती (छ.ग.) - एक विधि से संघर्षरत बालक
सक्ती 03.02.2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सक्ती से सूचना प्राप्त हुई कि सम्मे लाल श्रीवास, पिता लहाराम श्रीवास, निवासी मसनियाकला, थाना सक्ती, को धारदार हथियार से गंभीर चोटें आने के कारण उपचार हेतु भर्ती कराया गया है। गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों द्वारा उन्हें उच्च उपचार हेतु रिफर किया गया। इस संबंध में अस्पताल मेमो/तहरीर प्राप्त होने पर थाना सक्ती पुलिस द्वारा तत्काल कार्यवाही प्रारंभ की गई।
अस्पताल मेमो की तस्दीक हेतु पुलिस टीम द्वारा ग्राम मसनियाकला पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण किया गया एवं प्रकरण के प्रार्थी टीकाराम श्रीवास से पूछताछ कर कथन लिया गया। प्रार्थी ने बताया कि रात्रि में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा घर के अंदर घुसकर हत्या की नीयत से धारदार हथियार से सम्मे लाल श्रीवास के सिर, गला, माथा एवं शरीर के अन्य भागों पर प्राणघातक वार किए गए थे। घायल को उपचार हेतु शासकीय अस्पताल सक्ती तथा तत्पश्चात शासकीय अस्पताल जांजगीर ले जाया गया, जहां चिकित्सक द्वारा परीक्षण उपरांत मृत घोषित कर दिया गया।
प्रथम दृष्टया प्रकरण में धारा 103(1), 332(बी) BNS का अपराध घटित होना पाए जाने पर वरिष्ठ अधिकारियों—
पुलिस अधीक्षक, जिला सक्ती श्री प्रफुल्ल कुमार ठाकुर (भा.पु.से.),
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पंकज पटेल (रा.पु.से.) एवं
अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सक्ती डॉ. भुनेश्वरी पैकरा को अवगत कराते हुए उनके निर्देशानुसार अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
पुलिस की त्वरित कार्यवाही :
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक लखन लाल पटेल द्वारा तत्काल पुलिस टीम गठित की गई मौके पर साइबर यूनिट प्रभारी अमित सिंग, डॉग हेंडर प्रभारी सुनील गुप्ता एवं एफएसएल टीम प्रभारी को तलब कर घटना स्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कराया गया आसपास के लोगों से पूछताछ की गई, मृतक के घर के आसपास आने-जाने के मार्गों का अवलोकन किया गया तथा संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान हेतु लगातार पतासाजी की गई। सक्रिय मुखबिर तंत्र को भी लगाया गया।
जांच के दौरान यह जानकारी प्राप्त हुई कि घटना की रात दो अज्ञात व्यक्ति मृतक के घर के आसपास रेकी करते हुए देखे गए थे। संदिग्धों के हुलिए के आधार पर पूछताछ की गई, जिसमें पता चला कि दो व्यक्ति घटना के बाद गांव से फरार हैं। निरंतर प्रयास एवं सघन खोजबीन के दौरान दोनों संदिग्धों के मसनियाकला पहाड़ी क्षेत्र में छिपे होने की सूचना मिलने पर घेराबंदी कर उन्हें पकड़ा गया।
पूछताछ के दौरान दोनों ने जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि दिनांक 02.02.2026 को आरोपी मोहनीश कुमार कर्मवीर पहाड़ से लकड़ी काटकर लौट रहा था, तभी मृतक सम्मे लाल श्रीवास द्वारा उसे एवं उसके परिवार को अश्लील गालियाँ दी गईं, जिससे वह आक्रोशित हो गया। इसी रंजिश में उसने गांव के एक अन्य लड़के (विधि से संघर्षरत बालक) के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई और रात्रि में मृतक के घर में घुसकर टांगी से 6–7 बार प्राणघातक वार कर हत्या कर दी।
जप्ती एवं गिरफ्तारी :
आरोपियों के मेमोरण्डम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त लोहे की टांगी, घटना के समय पहना गया काले रंग का लोवर (खून लगा हुआ) तथा विधि से संघर्षरत बालक द्वारा उपयोग किया गया मोबाइल फोन गवाहों के समक्ष विधिवत जप्त किया गया।
पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आरोपी मोहनीश कुमार कर्मवीर को दिनांक 04.02.2026 को विधिवत गिरफ्तार कर गिरफ्तारी के कारणों से अवगत कराया गया एवं उसके परिजनों को सूचना दी गई। विधि से संघर्षरत बालक का सामाजिक पृष्ठभूमि प्रपत्र तैयार कर वचन पत्र भरवाते हुए माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
सक्ती पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
उक्त संपूर्ण कार्यवाही में निरीक्षक लखन लाल पटेल थाना प्रभारी सक्ती, साइबर प्रभारी अमित सिंग के नेतृत्व में सउनि राजेश यादव, उपेन्द्र यादव, चित्रागंद चन्द्रा, प्रधान आरक्षक-शब्बीर मेमन, प्रेम सिदार, प्रेम राठौर,विनोद कंवर, सुनील गुप्ता(डॉग एस्कॉर्ट कोरबा)आरक्षक प्रमोद खाखा, योगेश राठौर, ब्रजसेन लहरे, महासिंह सिदार तथा थाना सक्ती के समस्त स्टाफ की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।





