सक्ती United States और Iran के बीच बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता का असर अब आम उपभोक्ताओं पर भी साफ दिखाई देने लगा है। क्षेत्र में ईंधन की उपलब्धता को लेकर लोगों के मन में भय और असमंजस का माहौल बन गया है, जिससे बाजार में पैनिक बाइंग जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
पिछले एक महीने में सैकड़ों उपभोक्ताओं ने भविष्य में संभावित ईंधन संकट को देखते हुए अपने घरों और व्यावसायिक उपयोग के लिए कैनिस्टरों में अतिरिक्त पेट्रोल और डीजल स्टॉक करना शुरू कर दिया है। इस अचानक बढ़ी मांग के कारण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में पेट्रोल और डीजल की कमी महसूस की जा रही है।
विशेष रूप से सक्ती क्षेत्र के अलावा नज़दीकी जिलों में भी कई पेट्रोल पंपों ने अब कैनिस्टरों में ईंधन देना पूरी तरह बंद कर दिया है। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि सीमित सप्लाई के कारण उन्हें मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ा है ताकि अधिक से अधिक वाहन चालकों को ईंधन उपलब्ध कराया जा सके।
ईंधन संकट के चलते कई पेट्रोल पंपों ने वाहन-वार ईंधन की सीमा भी तय कर दी है। कहीं दोपहिया वाहनों के लिए सीमा तय की गई है तो कहीं चारपहिया और भारी वाहनों के लिए अलग-अलग लिमिट लागू की जा रही है।
इस फैसले से उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है। कई जगहों पर लोग पेट्रोल पंपों पर शिकायत करते और बहस करते नजर आ रहे हैं। आम लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही स्थिति सामान्य नहीं हुई तो रोजमर्रा की जिंदगी और व्यापारिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित होंगी।
वहीं दूसरी ओर, पेट्रोल पंप मालिकों का कहना है कि वे लगातार डिस्ट्रीब्यूटर्स और तेल कंपनियों से सप्लाई बढ़ाने की मांग कर रहे हैं ताकि क्षेत्र में ईंधन की उपलब्धता सामान्य हो सके और लोगों में फैली घबराहट कम हो।
फिलहाल हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ईंधन आपूर्ति कब तक सामान्य हो पाएगी।





