चोरी, लूट, मारपीट, अपहरण, हत्या, एंव अवैध गतिविधियों से सक्ती जिलेवासियों की बढ़ी चिंता
मोहन अग्रवाल ( शासकीय अभिमान्यता पत्रकार )
सक्ती जिले में पिछले कुछ समय से अपराध की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है। चोरी, लूट, मारपीट, अवैध कारोबार, नशे की तस्करी तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों के बढ़ते मामलों ने आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिन हो या रात, जिले के कई इलाकों में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद नजर आ रहे हैं कि वे बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं ।
“आपको बता दें कि जिले में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। हत्या, चोरी, लूट और मारपीट जैसी घटनाओं में हो रही वृद्धि ने जिले की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।जबकि आम नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रशासन को और सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।”
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले जहां अपराध की घटनाएं कभी-कभार सुनने को मिलती थीं, वहीं अब आए दिन किसी न किसी क्षेत्र से चोरी, अपहरण, लूटपाट या मारपीट की गंभीर खबर सामने आ रही है। इससे आम जनता में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों और व्यापारियों में चिंता बढ़ती जा रही है।
व्यापारियों का कहना है कि रात के समय दुकानों और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर उन्हें अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है। कई लोग अपने प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवा रहे हैं और निजी सुरक्षा का सहारा लेने को मजबूर हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी पशु चोरी और खेतों से उपकरण चोरी होने जैसी घटनाओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
जिले के युवाओं में बढ़ती नशाखोरी को भी अपराध बढ़ने का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि समय रहते इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से नशे के अवैध कारोबार पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
सक्ती जिले के नागरिकों का कहना है कि पुलिस द्वारा नियमित गश्त बढ़ाई जानी चाहिए तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जानी चाहिए। लोगों का मानना है कि यदि अपराधियों पर त्वरित एवं सख्त कार्रवाई होगी तो अपराध पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
सामाजिक संगठनों ने भी जिला प्रशासन से कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने, सीसीटीवी नेटवर्क का विस्तार करने, रात्रिकालीन पेट्रोलिंग बढ़ाने तथा जनता और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की अपील की है। उनका कहना है कि अपराध नियंत्रण केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक की सहभागिता भी आवश्यक है।
फिलहाल जिले में बढ़ते अपराधों को लेकर लोगों में चिंता का माहौल बना हुआ है। नागरिकों की उम्मीद है कि प्रशासन प्रभावी कदम उठाकर अपराधियों पर अंकुश लगाएगा और जिले में शांति एवं सुरक्षा का वातावरण पुनः स्थापित करेगा।




