कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में लगाए गंभीर आरोप, कहा — गलत भुगतान का विरोध करने पर सचिव को हटाने की हो रही कोशिश
सक्ती। ग्राम पंचायत नवापाराखुर्द में पंचायत कार्यों को लेकर विवाद अब खुलकर सामने आने लगा है। पंचायत के ग्रामीणों एवं पंचगणों ने सामूहिक रूप से कलेक्टर सक्ती को ज्ञापन सौंपकर पंचायत में चल रही कथित अनियमितताओं और मनमानी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत में कुछ जिम्मेदार लोग निजी स्वार्थ के चलते पंचायत व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं और गलत कार्यों का विरोध करने वाले सचिव को हटाने की साजिश रची जा रही है।
ग्रामीणों ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि ग्राम पंचायत की सरपंच एक आदिवासी महिला हैं, जिन्हें उपसरपंच एवं कुछ पंचों द्वारा प्रभावित कर पंचायत के कार्यों को मनमाने तरीके से संचालित किया जा रहा है। आरोप है कि पंचायत में कई निर्माण कार्य बिना गुणवत्ता और बिना उचित मापदंडों के कराए जा रहे हैं, वहीं कम कार्य कर अधिक राशि निकालने की कोशिश की जा रही है।
“सचिव पर गलत भुगतान करने का दबाव”
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत सचिव नितेश कुमार गबेल पिछले कई वर्षों से पंचायत में कार्यरत हैं और उन्होंने शासन की विभिन्न योजनाओं को गांव तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। ग्रामीणों का कहना है कि सचिव पंचायत में नियमित रूप से उपस्थित रहकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करते रहे हैं।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पंचायत में कुछ कार्य ऐसे हैं जिनमें बिना पूर्ण कार्य के राशि आहरण कराने का दबाव सचिव पर बनाया जा रहा है। सचिव द्वारा नियम विरुद्ध भुगतान और कथित अनियमितताओं का विरोध करने पर उनके खिलाफ माहौल तैयार किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में कुछ कार्य बिना स्टिमेट और बिना गुणवत्ता के कराए गए हैं, जिनका भुगतान करवाने के लिए सचिव पर लगातार दबाव डाला जा रहा है।
पेयजल कार्यों को लेकर भी उठे सवाल
ज्ञापन में पंचायत की पेयजल व्यवस्था से जुड़े कार्यों का भी जिक्र किया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बोर खनन, पंप स्थापना और हैंडपंप सामग्री खरीदी जैसे कार्य कराए गए, लेकिन संबंधित भुगतान को लेकर विवाद की स्थिति बन गई है। अब भुगतान से बचने के लिए सचिव को हटाने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोगों द्वारा ग्रामीणों को गुमराह कर सचिव के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है ताकि पंचायत में मनमानी तरीके से आर्थिक कार्य किए जा सकें।
“सचिव हटे तो होगा आंदोलन”
ग्रामीणों एवं पंचगणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि पंचायत सचिव का स्थानांतरण किया गया तो गांव में आंदोलन और चक्काजाम की स्थिति निर्मित हो सकती है। ग्रामीणों ने साफ कहा कि सचिव को हटाने की कार्रवाई हुई तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
कई अधिकारियों को भेजी गई शिकायत
ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम, पुलिस अधीक्षक और जनपद पंचायत सक्ती के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भी भेजी गई है।
ग्राम पंचायत नवापाराखुर्द में उठे इस विवाद ने पंचायत की कार्यप्रणाली और विकास कार्यों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब प्रशासनिक जांच और कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर टिकी हुई है।






