सक्ती सक्ती विधानसभा के ग्राम पंचायत लहंगा में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ के दौरान एक अनूठी पहल देखने को मिली। शिविर में जब एक अधिकारी ने ग्रामीणों को जल संरक्षण और ‘जल ही जीवन है’ का महत्व बताते हुए पानी बचाने की शपथ दिलाई, तो मंच पर मौजूद भाजपा जिला अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति मोर्चा सक्ती सभापति एवं जिला पंचायत सदस्य राजा धर्मेंद्र सिंह ने इस पहल को विस्तार देते हुए प्रशासन की जिम्मेदारी तय की।राजा धर्मेंद्र सिंह ने शिविर में मौजूद एसडीएम, तहसीलदार समेत जिला स्तर के सभी अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्हें जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण की शपथ दिलवाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिस तरह जल बचाना हमारा कर्तव्य है, उसी तरह जनता की समस्याओं का समय पर समाधान करना शासन-प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है।अधिकारियों को दी हिदायत: विश्वास बहाल करना प्राथमिकता राजा धर्मेंद्र सिंह ने अधिकारियों को शपथ दिलाते हुए कहा, “आज शिविर में अपनी समस्या लेकर आए हर ग्रामीण को यह विश्वास होना चाहिए कि उसकी बात सुनी जाएगी और उसका हल निकलेगा।” उन्होंने निर्देश दिए कि विष्णु देव साय सरकार की मंशा के अनुरूप हर पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मिले और फाइलों को लटकाने के बजाय मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित किया जाए।शासन की मंशा अनुरूप त्वरित समाधानइस दौरान ग्रामीणों की मांग पर राजा धर्मेंद्र सिंह ने अधिकारियों से कहा कि वे जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित करें। उन्होंने जोर दिया कि सुशासन तभी सार्थक है जब अंतिम व्यक्ति की समस्या का समय पर समाधान हो। इस पहल की ग्रामीणों ने सराहना की, क्योंकि आमतौर पर शिविरों में ग्रामीणों को शपथ दिलाई जाती है, लेकिन यह पहली बार था जब जनप्रतिनिधि ने अधिकारियों को उनकी जवाबदेही के प्रति शपथ दिलाई। शिविर में कलेक्टर सक्ती , जिला पंचायत सीईओ, राजस्व, पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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